Home I Bookmark this site
Read Jyotish Manthan
Jyotish Praveen Course
RSS Feed Rss Feed
Contact Us Contact Us
About I.C.A.S. About I.C.A.S.
Want to open
ICAS regular chapter
in your city
News & Events
your updation with ICAS
Services
by ICAS Experts
Membership
get website membership Free

get Icas membership Paid
Astrology Asthak Varga Horary Medical Astrology Remedial Astrology Transit Vastu Maidini Match Making Astronomy
Astrology read articles in ENGLISH
बृहस्पति की समिधा पीपल

पीपल के वृक्ष को भारतीय संस्कृति में अति पवित्र माना गया है। हिन्दु धर्म ग्रंथों में इसका अत्यधिक महत्व बतलाया गया है। इस वृक्ष में भगवान विष्णु का वास माना गया है, साथ ही श्री लक्ष्मी जी की ब़डी बहन ज्येष्ठा का निवास भी इसी में माना जाता है जहां प्रत्येक शनिवार को लक्ष्मी जी अपनी ब़डी बहन से मिलने आती है इसलिए शनिवार को पीपल वृक्ष की पूजा का अति महत्व है। मरणोत्तर क्रियाकर्म भी पीपल की छाँव में इसलिए किये जाते हैं कि प्रेतात्मा की शीघ्र ही मुक्ति हो और भगवान विष्णु के धाम बैकुण्ठ को चला जाये।

पीपल को विविध नामों से जाना जाता है

ग्रह शान्ति की प्रक्रिया में बृहस्पति की प्रसन्नता हेतु पीपल समिधाओं की घृत के साथ यज्ञ में आहुति दी जाती है। सामान्यतया सभी प्रकार के यज्ञों में मुख्य काष्ठ पीपल की ही प्रयुक्त की जाती है। यज्ञ चाहे शांतिक-पौष्टिक हों अथवा अंतिम संस्कार यज्ञ सभी जगह पीपल काष्ठ का अत्यधिक महत्व है। पृथ्वी पर पाये जाने वाले सभी वृक्षों में पीपल से सर्वाधिक मात्रा में ऑक्सीजन उत्सर्जित होती है। अत: यह जीवन दाता वृक्ष और बृहस्पति भी जीव प्रदाता है।

in association: Astro Blessings International Pvt. Ltd. Jyotish Manthan Internationa Vastu Academy Best Astrology Site Design & Developed by
pixelmultitoons