Home I Bookmark this site
Read Jyotish Manthan
Jyotish Praveen Course
RSS Feed Rss Feed
Contact Us Contact Us
About I.C.A.S. About I.C.A.S.
Want to open
ICAS regular chapter
in your city
News & Events
your updation with ICAS
Services
by ICAS Experts
Membership
get website membership Free

get Icas membership Paid
Astrology Asthak Varga Horary Medical Astrology Remedial Astrology Transit Vastu Maidini Match Making Astronomy
Astrology read articles in ENGLISH
मदनोत्सव या वेलेन्टाइन डे - विशेष, ज्योतिष मंथन फरवरी-2010 अंक
कवियों के कुछ पसंदीदा विषयों मे से एक वसंत ऋतु भी है। John Keats यद्यपि सौन्दर्य पर लिखी हुई कविताओं के विषय मे अधिक जाने जाते हैं परन्तु Spring उनकी सर्वश्रेष्ठ कृति मानी जाती है वहीं हिन्दी काव्य में एक कवि नेे वसंत को महंत वसंत कहकर उसका मानवीकरण कर दिया। भारत के कई राज्यों में वसंत का स्वागत करते हुए अलग-अलग गीत भी हैं। जैसे- उ़ड गया पाला, आया वसंत लाला। भारत में प्राचीन समय से ही इस ऋतु में मदनोत्सव मनाया जाता रहा है। पश्चिम की हवा जब चली तो हम मदनोत्सव भूलकर valentine’s day  मनाने लगे। जहां यह दिन लाखों का कारोबार करने लगा वहीं भारतीय संस्कृति के कुछ शुभचिंतक चिंतित हो उठे और इसका विरोध कर अपनी संस्कृति को पश्चिमी बला से बचाने का प्रयास करने लगे। ऎसे मे इकबाल साहब की वो पंक्तियां याद कर लेनी चाहिएं कि "कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-जहां हमारा।" यदि थो़डा सा चिंतन किया जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि भारतीय संस्कृति को किसी से खतरा नहीं हो सकता। आज पश्चिमी जगत तो एक ही दिन valentine’s day मनाता है, हम तो पूरे एक महीने का मदनोत्सव मनाते थे। मदनोत्सव मौसम के बदले हुए मिजाज का स्वागत है। शरद ऋतु मे प़डने वाली ठंड हमारे क्रियाकलापों को प्रभावित करती है। वनस्पति, जीव सभी ठंड मे अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करते हैं और इन सबका का नियामन प्रकृति करती है। Cold blooded जीव hibernation में चले जाते हैं तो कई वनस्पतियां जमींदोज हो जाती हैं। हमारे शरीर का metabolism गिरते तापमान से तारतम्य बनाने मे लगा रहता है। कुल मिलाकर सब कुछ एक खोल मे बंद सा हो जाता है। जैसे ही शरद ऋतु खत्म होती है तो प्रकृति भी नई अंग़डाई लेती है और वनस्पतियां हरी होने लगती हैं। यह वैज्ञानिक तथ्य है कि इस मौसम में एक विशेष गंध होती है जिससे कुछ वनस्पतियां जो सुप्त अवस्था में जमीन के नीचे होती हैं, प्रकृति का यह संदेश लेकर प्रस्फुटित होती हैं। तापमान के सामान्य होने से हमारे शरीर में भी हार्मोन्स सक्रिय हो जाते हैं और एक नए जोश से भर जाते हैं। इस जोश में ही जीवन के विविध रंग हैं।

Cupid vs.  कामदेव
हमारे कामदेव और पश्चिम के Cupid में बहुत अधिक समानता है। दोनो ही प्रेम के प्रतीक हंै और दिलों मे प्रेम की भावना जगाते हैं। दोनों के पास कमान और फूलों का तीर हैं जिसे वो अपने हथियार के रूप में अपनाते हैं। रोमन पौराणिक कथाओं में Cupid प्रेम और सौन्दर्य के देवता हैं।Cupid का अर्थ होता है इच्छा या कामना।Cupid को Venus और Mercury की संतान माना गया है। Venus प्रेम की देवी हैं तथा Mercury को संदेश का देवता माना जाता है। रोमन पौराणिक कथा के अनुसारCupid की माँ Venus, Psyche नाम की राजकुमारी से ईष्र्या भाव रखती थी क्योंकि प्रजा उन्हें बहुत प्रेम करती थी। Venus ने Cupid को आज्ञा दी कि वह दुनिया के सबसे बदसूरत व्यक्ति से Psyche को प्यार करवा दे परन्तु जब Cupid ने उसे देखा तो खुद ही उनसे प्यार कर बैठा कुछ परेशानियों के बाद दोनों का विवाह हुआ और उन्हें Voluptas नाम की पुत्री हुई। Psyche का अर्थ होता है आत्मा और Voluptas  का अर्थ होता है आनंद या pleasure हम देख सकते है कि symbolic शब्दों का प्रयोग पश्चिम पौराणिक कथाओं में भी किया गया है।

कामदेव हिन्दू धर्म में प्रेम के देवता माने गए हैं। कामदेव को कृण्ण के पुत्र प्रदुल का अवतार माना गया है। यह अत्यंत आश्चर्यजनक तथ्य है कि कामदेव को विण्णु शिव और कृष्ण के अन्य नामों के रूप में भी जाना गया है। ऋग्वेद में कामदेव को अग्नि नाम से भी संबोधित किया गया है।

कामदेव का चित्रण एक मोहक युवा के रूप में किया है। इनका कमान गन्ने का बना है, कमान की तार मधुमक्खियों से बनी है और तीर फूलों के हैं। इनमें पांच प्रकार के फूल हैं- अशोक, सफेद और नीले कमल, मल्लिका और आम।

पीला रंग और वसन्त
वसन्त का पीले रंग से गहरा संबंध है। इस ऋतु में सरसों के पीले खेत अपनी ओर आकर्षित करते हैं और वसन्त पंचमी का स्वागत पीले कप़डे पहन कर किया जाता है। पीले रंग को गर्म रंगों (warm colors) की श्रेणी में रखा गया है। लाल भी रंगों की इसी श्रेणी में आता है परंतु पीले का महत्व इसलिए है कि यह गर्म रंग होते हुए भी सुकून देने वाला होता है।

कामदेव एवं अन्य देवगण
कामदेव एवं रति को अन्य शीर्षस्थ देवगणों के समान माना गया है जैसे शिव एवं पार्वती। कामदेव की कृपा से ही इच्छाएं धर्म की हद में रहती हैं। यद्यपि आज यह प्रचलन खत्म सा हो गया है परन्तु पहले विवाह के समय वधू के पैरों में तोते का अंकन किया जाता था क्योंकि तोता कामदेव का वाहन है। कई पौराणिक कथाओं में स्वास्थ्य, रूप, पति-पत्नी एवं संतान के सुख के लिए कामदेव से प्रार्थना करने का उल्लेख मिलता है।

होली और मदनोत्सव
होली को संस्कृत ग्रंथों में मदन महोत्सव या काम महोत्सव कहा गया है। कुछ गं्रथों में उल्लेख मिलता है कि होली कामदेव को समर्पित थी परन्तु फिर कृष्ण द्वारा कामदेव का रूप लेने के कारण आज होली कृष्ण को समर्पित है। होली सचमुच काम महोत्सव है क्योंकि सिर्फ पीला नहीं बल्कि हर रंग इस दिन प्रयोग होता है। सर्दी में सिमटी प्रकृति अंग़डाई लेकर जाग जाती है और साथ ही सबको स्फूर्ति प्रदान कर, अपनी छटा सर्वत्र बिखेर कर मदमस्त कर देती है।

कामदेव के मंदिर
तमिलनाडु के एक गांव अरागालूर में कामेश्वर नाम का मंदिर कामदेव का है। ऎसा माना जाता है कि यही वह स्थान है जहां कामदेव ने भगवान शिव को तपस्या से जगाया था। वृन्दावन के कामायन वन में भी कामदेव का मंदिर है। राजस्थान के आभानेरी में हर्षद माता मंदिर मे भी कामदेव के संकेत मिलते हैं।
in association: Astro Blessings International Pvt. Ltd. Jyotish Manthan Internationa Vastu Academy Best Astrology Site Design & Developed by
pixelmultitoons